पति की मौत के बाद आर्थिक संकट से जूझ रही थीं, आठ साल से मिल रही नियमित पेंशन
पति की मौत के बाद परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया था। आर्थिक तंगी के बीच छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। ऐसे मुश्किल वक्त में प्रदेश सरकार की निराश्रित महिला पेंशन योजना ने ददरौल विकासखंड के घुसगवां गांव निवासी कलावती का सहारा बनकर परिवार की जिंदगी आसान कर दी।
कलावती के पति का करीब आठ वर्ष पहले निधन हो गया था। पति के जाने के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं। आमदनी का कोई मजबूत साधन नहीं होने के कारण रोजमर्रा का खर्च चलाना चुनौती बन गया था।
इसी दौरान उन्हें निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ मिला। कलावती को पिछले करीब आठ वर्षों से नियमित रूप से प्रतिमाह पेंशन मिल रही है। पेंशन की धनराशि से वह घर की दैनिक जरूरतों, दवा और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद ले रही हैं।
कलावती का कहना है कि नियमित पेंशन मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा बेहतर हुई है। अब छोटी-छोटी जरूरतों के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की मजबूरी नहीं है। पेंशन ने उन्हें आर्थिक सहारा देने के साथ आत्मनिर्भर होकर सम्मानपूर्वक जीवन जीने का भरोसा भी दिया है।
उन्होंने योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। कलावती की कहानी उन जरूरतमंद महिलाओं के लिए भी उम्मीद की मिसाल है, जो पति के निधन के बाद आर्थिक परेशानियों से जूझ रही हैं।
ऐसे करें योजना के लिए आवेदन
निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाएं SSPY पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर भी आवेदन किया जा सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता संबंधी शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।