डबरी घाट पर 137.30 मीटर पहुंचा नदी का जलस्तर, परशुरामपुरी और कलान तहसील के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा
रामगंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से शाहजहांपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रविवार शाम चार बजे डबरी घाट पर नदी का जलस्तर 137.30 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान के बराबर पहुंच चुका है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी की प्रवृत्ति को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्य रूप से परशुरामपुरी और कलान तहसील क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों से नदी के तटीय और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संभावित डूब क्षेत्रों में रहने वाले लोग स्थिति बिगड़ने पर तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर चले जाएं।
नदी किनारे जाने पर रोक, बच्चों पर रखें नजर
प्रशासन ने लोगों को नदी के किनारे, जलभराव वाले रास्तों, पुलिया और गहरे पानी के पास जाने से बचने की सलाह दी है। स्नान, मछली पकड़ने या फोटो-सेल्फी लेने के लिए नदी के पास जाना खतरनाक हो सकता है। बच्चों और पशुओं को भी नदी की ओर न जाने देने के निर्देश दिए गए हैं।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से पशुओं को ऊंचे स्थान पर बांधने और पर्याप्त चारा व साफ पेयजल सुरक्षित रखने को कहा गया है। टॉर्च, जरूरी दवाएं, सूखा राशन और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
बाढ़ शरणालयों को तत्काल तैयार रखने के निर्देश
प्रशासन ने परशुरामपुरी और कलान के उपजिलाधिकारियों को लेखपालों, ग्राम विकास अधिकारियों और आपदा मित्रों के माध्यम से जलस्तर तथा तटबंधों की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। चिन्हित बाढ़ शरणालयों को तत्काल सक्रिय रखने और वहां पेयजल, प्रकाश, भोजन, शौचालय तथा चिकित्सा किट की व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है।
मोटरबोट, नाविक, गोताखोर और बचाव दलों को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर एसडीआरएफ/एनडीआरएफ की मदद से तत्काल राहत और बचाव अभियान चलाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित गांवों में जरूरी दवाएं, क्लोरीन की गोलियां और सर्पदंश से बचाव के लिए एंटी-वेनम उपलब्ध रखने को कहा गया है। पशुपालन विभाग को पशुओं के टीकाकरण और चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अफवाहों से बचें, इन नंबरों पर करें संपर्क
पुलिस को संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और सिंचाई विभाग को तटबंधों तथा कटान संभावित स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
किसी भी आपात स्थिति, जलभराव या सहायता के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के इन नंबरों पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है— 05842-351037, 05842-351038, 05842-462754