-तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज, कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
-छापेमारी के बाद रुपये लेकर छोड़ने की शिकायत, जांच के निर्देश
राहुल गुप्ता, जागरण टूडे,
कासगंज: विद्युत चोरी के खिलाफ कार्रवाई करने वाली विजिलेंस टीम एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पटियाली क्षेत्र के नगला लक्ष्मन में तीन सितंबर को तड़के हुई छापेमारी के दौरान छह लोगों को विद्युत चोरी करते पकड़े जाने का दावा किया गया। आरोप है कि इनमें से तीन लोगों को 15-15 हजार रुपये लेकर छोड़ दिया गया, जबकि तीन अन्य के खिलाफ विद्युत चोरी का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। मामले की शिकायत अधिकारियों तक पहुंचने के बाद जांच के निर्देश दिए गए हैं।
बताया गया कि तीन सितंबर गुरुवार की सुबह करीब 5:30 बजे विद्युत विभाग की विजिलेंस टीम नगला लक्ष्मन पहुंची। टीम ने गांव में विद्युत चोरी के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान धूपकली पत्नी अवधेश, रीना पत्नी सर्वेश, महीपाल पुत्र अजंट सिंह, राजपाल पुत्र अजंट सिंह, बिजेंद्र पुत्र अजंट सिंह और रेखा पत्नी जुगेंद्र सिंह के घरों पर छापेमारी की गई। आरोप है कि सभी स्थानों पर विद्युत चोरी होते मिली। टीम ने कार्रवाई के दौरान फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर साक्ष्य भी जुटाए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार्रवाई के बाद तीन लोगों को कार्यालय बुलाया गया और उनसे 15-15 हजार रुपये लिए गए। कुल 45 हजार रुपये लेने के बाद तीनों को छोड़ दिया गया। वहीं धूपकली, बिजेंद्र सिंह और रेखा देवी के खिलाफ विद्युत चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया। एक ही अभियान में पकड़े गए लोगों के खिलाफ अलग-अलग कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अवैध वसूली के आरोप में पहले भी भंग हो चुकी है टीम
वर्ष 2025 में विजिलेंस टीम पर अवैध वसूली के आरोपों से संबंधित खबरें प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कराई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों ने तत्कालीन विजिलेंस टीम को भंग करने के साथ ही मीटर जेई के खिलाफ भी कार्रवाई की थी। इसके बावजूद दोबारा रुपये लेकर छोड़ने के आरोप सामने आने से विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
प्राइवेट लोगों की भूमिका पर भी सवाल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विजिलेंस टीम के साथ कुछ निजी लोग भी छापेमारी में शामिल रहते हैं। आरोप है कि कार्रवाई के बाद यही लोग विद्युत चोरी में पकड़े गए लोगों से संपर्क कर उन्हें अपना मोबाइल नंबर देते हैं और कार्यालय बुलाते हैं। इसके बाद कथित रूप से समझौते के नाम पर रुपये लिए जाते हैं।
वर्जन
विद्युत चोरी के मामले में विजिलेंस टीम द्वारा रुपये लेकर लोगों को छोड़ने की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले में जांच-पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
-संदीप पांडेय, चीफ इंजीनियर, एटा-कासगंज-हाथरस, प्रभारी विद्युत विभाग