उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली में बीएससी नर्सिंग चतुर्थ वर्ष के इंटर्न छात्र-छात्राओं ने इंटर्नशिप के दौरान हर महीने स्टाइपेंड दिए जाने की मांग उठाई है। छात्रों ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। उन्होंने आर्थिक परेशानी का हवाला देते हुए इंटर्नशिप अवधि में स्टाइपेंड की व्यवस्था लागू कराने की मांग की।
छात्रों ने बताया कि रक्षपाल बहादुर कॉलेज ऑफ नर्सिंग समेत अन्य संस्थानों के बीएससी नर्सिंग चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों की इंटर्नशिप महाराणा प्रताप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रही है। इंटर्नशिप के दौरान छात्र ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन सेवाओं और मरीजों की देखभाल सहित विभिन्न क्लिनिकल ड्यूटी कर रहे हैं।
आने-जाने और रोजमर्रा के खर्च में परेशानी
छात्रों के मुताबिक इंटर्नशिप के दौरान उन्हें किसी तरह का स्टाइपेंड नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में रोजाना आने-जाने का किराया, भोजन, अध्ययन सामग्री और अन्य जरूरी खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
छात्र एकांश कुमार, अर्पिता सागर, सोनम वर्मा, तमन्ना और अनुपमा ने बताया कि इंटर्नशिप नर्सिंग शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दौरान विद्यार्थी अस्पताल में मरीजों की देखभाल और विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी हासिल करते हैं। ऐसे में उन्हें आर्थिक सहायता मिलना जरूरी है।
छात्रों ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में बीएससी नर्सिंग इंटर्न विद्यार्थियों के लिए समान और स्पष्ट मासिक स्टाइपेंड व्यवस्था लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि आर्थिक सहायता मिलने से विद्यार्थी आर्थिक तनाव से मुक्त होकर अपनी इंटर्नशिप पूरी कर सकेंगे और मरीजों की बेहतर सेवा पर ध्यान दे सकेंगे।
ज्ञापन देने वालों में एकांश कुमार, अर्पिता सागर, सोनम वर्मा, तमन्ना, अनुपमा, अंजलि, बलवीर, कुमार वर्मा, निलेश, निखिल, वेदपाल समेत अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।