सात दिन से जारी है सत्याग्रह,अनुमति नहीं होने का हवाला देकर पुलिस ने रोका मार्च
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
निजी स्कूलों में शिक्षा के नाम पर अभिभावकों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ और कथित मनमानी के खिलाफ समाजसेवी हरवीर भारती का सत्याग्रह रविवार को सात दिन बाद भी जारी रहा। रविवार दोपहर करीब एक बजे उन्होंने विद्यार्थियों और अपने साथियों के साथ अंबेडकर पार्क से नगरी गेट स्थित गांधी प्रतिमा तक मार्च निकालने की कोशिश की। मार्च शुरू होने से पहले ही पुलिस ने पार्क के आसपास बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। इसको लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई, लेकिन प्रदर्शनकारियों को आगे जाने की अनुमति नहीं मिल सकी।
रविवार को सत्याग्रह स्थल पर विद्यार्थियों और उनके साथियों की मौजूदगी में मार्च की तैयारी की गई। प्रदर्शनकारी अंबेडकर पार्क से गांधी प्रतिमा तक पैदल मार्च निकालना चाहते थे। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने पार्क के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और सड़क के दोनों तरफ बैरिकेड लगा दिए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच मार्च को लेकर बातचीत हुई। करीब आधे घंटे तक चली बातचीत के बावजूद सहमति नहीं बनी और मार्च आगे नहीं बढ़ सका।
पुलिस के अनुसार मार्च निकालने के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। ऐसे में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोका गया। मौके पर पुलिस के साथ पीएसी के जवान तैनात रहे। भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई।
सत्याग्रह कर रहे हरवीर भारती ने कहा कि शिक्षा को कथित लूट से मुक्त कराने के लिए आंदोलन किया जा रहा है। यह सिर्फ उनकी समस्या नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से जुड़ा मुद्दा है। उनका आरोप है कि कई निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू नहीं हैं। इसके अलावा हर साल ड्रेस बदलने और डोनेशन के नाम पर अभिभावकों से रकम ली जाती है, जिससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि आंदोलन की तीन प्रमुख मांगें हैं। निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू की जाएं, हर साल ड्रेस कोड बदलने पर रोक लगाई जाए और डोनेशन के नाम पर अभिभावकों से वसूली बंद की जाए। हरवीर भारती ने कहा कि इन मांगों पर ठोस कार्रवाई होने और शिक्षा व्यवस्था को कथित लूट से मुक्त कराने की दिशा में कदम उठाए जाने तक सत्याग्रह जारी रहेगा।