जागरण टुडे,मीरगंज (बरेली)।
बरेली जनपद के मीरगंज, शाही कस्बों के अलाबा गांब दियोरिया, अब्दुल्लागंज, समसपुर, सुल्तानपुर, बसई समेत कई गांवों में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। बंदरों के झुंड खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही घरों में घुसकर अनाज, कपड़े और अन्य घरेलू सामान उठा ले जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान के साथ परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बंदर गन्ने और धान की फसलों को भी लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई बार बंदरों को भगाने का प्रयास करने पर वे आक्रामक होकर लोगों को काटने के लिए दौड़ पड़ते हैं। इसके चलते ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। बंदरों की बढ़ती संख्या के कारण बच्चों और महिलाओं को भी अकेले घर से बाहर निकलने में डर लग रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक बंदर घरों की छतों और आंगन में पहुंचकर सामान को इधर-उधर फेंक देते हैं। कई बार खाद्य सामग्री भी उठा ले जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बंदरों के आतंक पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीण राजीव, गौरव, संदीप, शिशुपाल सिंह, दुर्जन लाल समेत अन्य लोगों ने जिलाधिकारी से बंदरों को पकड़वाकर आबादी से दूर जंगल क्षेत्र में छुड़वाने की मांग की है।
वन विभाग के अधिकारी संतोष कुमार मठपाल ने बताया कि बंदरों को वन्यजीवों की सूची से हटा दिया गया है। ऐसे में वन विभाग की टीम द्वारा बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई नहीं की जा सकती।