सेंट जोसफ पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य की तहरीर पर कोतवाली में एफआईआर, अभिभावकों को भड़काने और विद्यालय का माहौल खराब करने के आरोप; हरवीर भारतीय ने एफआईआर को बताया फर्जी
कासगंज। निजी स्कूलों में शिक्षा के नाम पर अभिभावकों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ और कथित मनमानी के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच समाजसेवी हरवीर सिंह भारतीय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सेंट जोसफ पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य फादर सिरिल प्रकाश मोरस की तहरीर पर कोतवाली कासगंज पुलिस ने हरवीर सिंह भारती और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। प्रधानाचार्य ने अभिभावकों को भड़काने, विद्यालय के मुख्य गेट और प्रशासनिक कार्यालय के बाहर लोगों को एकत्र कर नारेबाजी करने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और विद्यालय का शैक्षणिक माहौल खराब करने जैसे आरोप लगाए हैं।
वहीं, हरवीर भारतीय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुकदमे को फर्जी बताया है। उन्होंने लिखा कि सेंट जोसफ स्कूल की ओर से उनके खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि वह सभी बच्चों के लिए लड़ रहे थे और उन्हें इसका यह परिणाम मिला। साथ ही उन्होंने प्रशासन से मामले को निष्पक्ष तरीके से लेने की अपील की है।
हरवीर भारतीय निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू कराने, हर साल ड्रेस बदलने पर रोक लगाने और डोनेशन के नाम पर अभिभावकों से वसूली बंद कराने की मांग को लेकर अंबेडकर पार्क में सत्याग्रह कर रहे थे। उनका आरोप रहा है कि निजी स्कूल विभिन्न मदों के नाम पर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालते हैं। इसी के खिलाफ वह शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभिभावकों के अधिकारों की मांग उठा रहे थे।
पहले मिला था धरना स्थल खाली करने का नोटिस
सत्याग्रह के दसवें दिन 15 सितंबर को नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी की ओर से हरवीर भारतीय को धरना स्थल खाली करने का नोटिस दिया गया था। नोटिस में कहा गया था कि 17 सितंबर को ‘सेवा सप्ताह अभियान-2026’ के तहत अंबेडकर पार्क में दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम प्रस्तावित है। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को देखते हुए पार्क को पूर्ण रूप से खाली और व्यवस्थित रखना आवश्यक है। इसके लिए एक दिन के भीतर धरना स्थल पर रखा सामान हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय में स्थल खाली नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।
नोटिस के बाद हरवीर भारतीय ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम के लिए पूरा पार्क खाली कराने की आवश्यकता नहीं है और उनके शिक्षा संबंधी आंदोलन को समाप्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांगें पूरी होने तक सत्याग्रह जारी रखने की बात कही थी।
पुलिस ने रोका था पैदल मार्च
इससे पहले रविवार को हरवीर भारतीय ने विद्यार्थियों और अपने साथियों के साथ अंबेडकर पार्क से नगरी गेट स्थित गांधी प्रतिमा तक पैदल मार्च निकालने का प्रयास किया था। दोपहर करीब एक बजे मार्च शुरू करने की तैयारी के दौरान पुलिस ने पार्क के आसपास बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया था। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई, लेकिन मार्च को आगे ले जाने की अनुमति नहीं मिली।
पुलिस के अनुसार मार्च के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को देखते हुए मार्च रोका गया। मौके पर पीएसी तैनात रही और ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की गई। मार्च रोके जाने के बाद भी हरवीर भारती ने अंबेडकर पार्क में अपना सत्याग्रह जारी रखा।
बुधवार को खत्म कराया गया सत्याग्रह
बुधवार को पुलिस-प्रशासन ने अंबेडकर पार्क पहुंचकर सत्याग्रह समाप्त कराया। पार्क में लगा टेंट हटवाकर धरना स्थल खाली कराया गया। कार्रवाई के दौरान हरवीर भारतीय और उनके साथियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की सूचना पर राजनीतिक हलचल बढ़ गई। जानकारी मिलने पर सपा जिलाध्यक्ष विक्रम यादव समेत अन्य सपा नेता कोतवाली पहुंचे और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग की। बाद में हरवीर भारती और उनके साथियों को रिहा कर दिया गया।
प्रधानाचार्य की तहरीर में ये आरोप
सेंट जोसफ पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य फादर सिरिल प्रकाश मोरस की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि हरवीर सिंह भारतीय लगातार अभिभावकों को भड़काकर विद्यालय का शैक्षणिक माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे थे। आरोप है कि विद्यालय के मुख्य गेट और प्रशासनिक कार्यालय के बाहर लोगों को एकत्र कर नारेबाजी की जाती थी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता था। विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को भी भड़काने का आरोप तहरीर में लगाया गया है।
प्रधानाचार्य ने यह भी आरोप लगाया है कि धरने या हड़ताल के कारण मार्ग बाधित होने से विद्यार्थियों को घर पहुंचने में दो से तीन घंटे तक विलंब होता था। तहरीर में एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि रास्ता अवरुद्ध होने के कारण एलकेजी और यूकेजी की दो छात्राएं घबराहट में रास्ता भटक गई थीं। इससे उनके अभिभावकों में नाराजगी और तनाव की स्थिति बनी।
प्रधानाचार्य ने विद्यालय की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से हरवीर सिंह भारती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। साथ ही विद्यालय परिसर के आसपास आने, उपद्रव करने और विद्यार्थियों व अभिभावकों को भड़काने से रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने तथा छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
एफआईआर के बाद हरवीर बोले- प्रशासन निष्पक्ष तरीके से ले मामले को
मुकदमा दर्ज होने के बाद हरवीर भारतीय ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा, “सेंट जोसफ स्कूल ने दर्ज कराई, हमारे खिलाफ कराई फर्जी FIR.” इसके साथ ही उन्होंने कहा, “मैं सबके बच्चों के लिए लड़ रहा था और हमें ये परिणाम मिला।” उन्होंने प्रशासन से मामले को निष्पक्ष तरीके से लेने की अपील की है।
फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच की जा रही है। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।