जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अजय राय के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित यूपीआई शुल्क व्यवस्था के विरोध में अनूठे प्रदर्शन की तैयारी की। कांग्रेस का आरोप है कि ₹2,000 से अधिक के चिन्हित डिजिटल लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू किए जाने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। इसी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल भाजपा नेताओं व सहयोगियों के आवास पर ₹2,000 से अधिक मूल्य का ऐसा सामान गिफ्ट करने की तैयारी में था, जिस पर प्रस्तावित यूपीआई शुल्क लागू हो सकता है। यह सामान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर गिफ्ट के रूप में देने की योजना थी।
कांग्रेस के अनुसार कार्यक्रम की जानकारी मिलने के बाद एआईसीसी सदस्य मुनेन्द्रपाल सिंह राजपूत और जिला कांग्रेस कंट्रोल रूम प्रभारी विमल कुमार सिंह को पुलिस ने रात में ही हाउस अरेस्ट कर लिया। कांग्रेस नेताओं ने इसे शांतिपूर्ण विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार में हस्तक्षेप बताते हुए आपत्ति जताई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यूपीआई भुगतान व्यवस्था में किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों और आम लोगों पर अप्रत्यक्ष आर्थिक बोझ डाल सकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सरल, सुलभ और आम जनता एवं व्यापारियों के लिए कम लागत वाली बनाए रखने की आवश्यकता है।
जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था को वापस लेने और डिजिटल भुगतान प्रणाली को व्यापारियों व आम उपभोक्ताओं के हित में बनाए रखने की मांग की।