जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
सोरोंजी। संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में शनिवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब कक्षा नौ के छात्रों की शिकायत के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने धरने पर बैठकर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कॉलेज परिसर में ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगाए गए। मामला कक्षा में ‘जय श्रीराम’ बोलने पर छात्रों को शिक्षक द्वारा कथित रूप से डांटे जाने से जुड़ा बताया जा रहा है।
मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंच गए और छात्रों के साथ धरने पर बैठ गए। बजरंग दल के जिला संयोजक गोविंद महेरे ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में धार्मिक भेदभाव और देवी-देवताओं को लेकर किसी तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान निखिल निर्भय, पीयूष शंकर महेरे, सुधांशु भारद्वाज, सिद्धांत गुप्ता, अर्जुन राम लोटा और यश महेरे समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शिक्षक ने दी सफाई, बोले- बात को संदर्भ से हटाकर लिया गया
अपने ऊपर लगे आरोपों पर शिक्षक जनार्दन राम ने सफाई देते हुए कहा कि वह कक्षा में बच्चों को एक कहानी और उदाहरण के माध्यम से समझा रहे थे। उनके अनुसार, उन्होंने बच्चों को बताया था कि अलग-अलग धर्मों में मान्यताओं का स्वरूप अलग होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मुस्लिम धर्म में खुदा और ईसाई धर्म में ईसा मसीह को माना जाता है, जबकि हिंदू धर्म में अनेक देवी-देवताओं की मान्यता है।
शिक्षक जनार्दन राम के अनुसार, इसी संदर्भ में उन्होंने छात्रों से एक सामान्य सवाल किया था। उनका कहना है कि उनकी बात को संदर्भ से हटाकर गलत रूप में लिया गया और इसी वजह से पूरा मामला विवाद में बदल गया। शिक्षक ने किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने की मंशा से इनकार किया।
शिक्षक को नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब
विवाद बढ़ने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक रजनेश कुमार ने संबंधित शिक्षक को नोटिस जारी किया है। शिक्षक को तीन दिन के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईओएस ने बताया कि शिक्षक के जवाब और मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल मामले में छात्रों की शिकायत, बजरंग दल के आरोप और शिक्षक की सफाई सामने आई है। जांच और शिक्षक के लिखित स्पष्टीकरण के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।