पटियाली, राहुल गुप्ता। खेत की मेड़बंदी के लिए 50 दिन से तहसील के चक्कर काट रहा किसान आखिरकार अपनी फरियाद लेकर अधिवक्ताओं तक पहुंच गया। किसान ने क्षेत्रीय लेखपाल प्रतीक वर्मा पर पांच हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। किसान का कहना है कि रुपये देने के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। मामला तब गरमा गया, जब किसान की ओर से अधिवक्ता सोनेलाल बघेल ने लेखपाल से संपर्क किया। आरोप है कि बातचीत के दौरान लेखपाल ने अधिवक्ता से अभद्र भाषा का प्रयोग कर दिया। इसके बाद अधिवक्ता लामबंद हो गए और एसडीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
गांव बनैल निवासी किसान भूप सिंह पुत्र रामचंद्र कश्यप का कहना है कि उसके 11 बीघा खेत के आधे हिस्से की मेड़बंदी करानी थी। इसके लिए वह करीब 50 दिन से तहसील के चक्कर लगा रहा है। किसान के अनुसार क्षेत्रीय लेखपाल प्रतीक वर्मा ने काम कराने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की। उसने पहले एक हजार रुपये दिए और बाद में शेष चार हजार रुपये भी दे दिए, लेकिन इसके बाद भी खेत की मेड़बंदी की कार्रवाई नहीं हुई।
लगातार चक्कर लगाने के बाद किसान ने अपनी परेशानी अधिवक्ता एवं बार एसोसिएशन अध्यक्ष सोनेलाल बघेल को बताई। अधिवक्ता ने मामले को लेकर लेखपाल से संपर्क किया। किसान और अधिवक्ता का आरोप है कि इस दौरान लेखपाल ने सोनेलाल बघेल से अभद्र भाषा का प्रयोग किया। बात अधिवक्ताओं तक पहुंची तो मामला तूल पकड़ गया और कई अधिवक्ता एकजुट होकर एसडीएम सुशांत सांवरे के पास पहुंच गए।
अधिवक्ताओं ने एसडीएम को पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए किसान की मेड़बंदी कराने और लेखपाल के व्यवहार की जांच कराने की मांग की। एसडीएम ने अधिवक्ताओं की बात सुनकर समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया। किसान ने भी तहसील समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या के समाधान और मामले में कार्रवाई की मांग की है।