जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
समाजवादी पार्टी की कासगंज जिला कार्यकारिणी और जिलाध्यक्ष पद को तत्काल प्रभाव से भंग किए जाने के बाद पूर्व जिलाध्यक्ष विक्रम यादव का बयान सामने आया है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्णय का सम्मान करने की बात कही है। अपने कार्यकाल को याद करते हुए कार्यकर्ताओं और जिले की जनता के प्रति आभार जताया।
विक्रम यादव ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें लंबे समय तक जिलाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी, जो उनके लिए ऐतिहासिक कार्यकाल रहा। उन्होंने कहा कि वह एक सामान्य कार्यकर्ता हैं। कार्यकर्ताओं और जनता के सहयोग से उनके कार्यकाल में दो विधानसभा सीटों, सात नगर पालिकाओं और एटा-कासगंज लोकसभा सीट पर पार्टी ने जीत दर्ज की।
अपने संदेश में उन्होंने कार्यकाल के दौरान सामने आए राजनीतिक अंतर्विरोधों और चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ लोग अपने व्यक्तिगत स्वार्थ और वर्चस्व को बनाए रखने के लिए नेतृत्व को गुमराह कर फैसले कराने का प्रयास करते हैं। कई बार अत्यधिक वफादारी और समर्पण भी राजनीति में अपराध जैसा बना दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कार्यकाल के दौरान अपने ही लोगों से मिले अपमान का दंश और दर्द आंखों को नम कर देता है, लेकिन वह न कभी चुनौतियों से डरे और न निराश हुए।
विक्रम यादव ने कहा कि उनके परिवार में कोई विधायक या सांसद नहीं रहा, लेकिन उनका स्वभाव हमेशा संघर्षशील रहा है। वह दलितों, शोषितों और गरीबों के सुख-दुख में शामिल होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी जातिगत भेदभाव के हर समाज के लोगों की लड़ाई लड़ना उनका प्रयास रहा है और आगे भी वह जनता के बीच रहकर संघर्ष करते रहेंगे।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपने कार्यकाल के दौरान हुई किसी भी भूल के लिए माफी भी मांगी। कहा कि जिलाध्यक्ष के रूप में जाने-अनजाने उनके किसी निर्णय, व्यवहार या आचरण से किसी कार्यकर्ता का दिल दुखा हो तो वह सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगते हैं। साथ ही कार्यकर्ताओं से नए जिलाध्यक्ष और पार्टी नेतृत्व का पूरा सहयोग करने की अपील की।
पूर्व जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने में जुटें और पार्टी के लिए संघर्ष जारी रखें।
अंत में उन्होंने शेर की पंक्तियों के माध्यम से कार्यकर्ताओं में संघर्ष का जज्बा बनाए रखने का संदेश दिया। उनके संदेश का भाव था कि सूरज और सितारों की रोशनी हमेशा एक जैसी नहीं रहती, लेकिन संघर्ष की आग और हौसला कायम रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, कार्यकर्ताओं को निराश होने के बजाय संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ते रहना चाहिए।