गुलरेज़ खान, बरेली
जागरण टुडे। खानकाह-ए-आलिया नियाजिया में 29 और 30 सितंबर को जश्ने चरागां की रस्म अदा की जाएगी। हर वर्ष आयोजित होने वाले इस आध्यात्मिक एवं धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से जायरीन के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन खानकाह के सज्जादानशीन शाह मोहम्मद मेहदी मियां निजामी की सरपरस्ती में होगा।
आयोजन की तैयारियों को लेकर खानकाह प्रबंधक जुनैदी मियां ने साहिबजादगान और संबंधित जिम्मेदारों के साथ बैठक की। इसमें जायरीन की सुविधा और सम्मान का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। व्यवस्थाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि किसी अकीदतमंद को परेशानी न हो और किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। साथ ही तहजीब, अदब, भाईचारे और कौमी एकता की परंपरा बनाए रखने की अपील की गई।
तीन सदी पुरानी है चरागां की परंपरा
आयोजकों के अनुसार चरागां की परंपरा खानकाह-ए-आलिया नियाजिया से जुड़ी पुरानी धार्मिक परंपरा है। मान्यता के अनुसार करीब तीन सदी पहले कुतबे आलम शाह नियाज अहमद साहब किबला कादरी चिश्ती ने 17 रबीउलसानी को हजरत गौस पाक के विसाल के अवसर पर जश्ने चरागां का आयोजन शुरू किया था। तभी से यह परंपरा जारी है। इस साल भी बड़ी संख्या में जायरीन के पहुंचने की संभावना को देखते हुए खानकाह प्रबंधन की ओर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान चादरपोशी और गुलपोशी का सिलसिला चलेगा। दोपहर में फातिहा के बाद लंगर शुरू होगा। खानकाह तक आने वाले रास्तों पर शरबत और ठंडे पानी की व्यवस्था भी की जाएगी।
कुल शरीफ और खानकाही कार्यक्रम होंगे
शाम छह बजे महबूब-ए-इलाही हजरत निजामुद्दीन औलिया की याद में और शाम सात बजे महबूब-ए-सुब्हानी हजरत गौसुल आजम की ओर से कुल शरीफ की रस्म अदा किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके बाद खानकाही चौकी, सलामी नियाजी, रूह व कुदरत पेश की जाएगी। कार्यक्रम में शामिल लोग दुआ करेंगे। इसके बाद हजरत शाह मोहम्मद मेहदी मियां निजामी अपने काफिले के साथ दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन औलिया के उर्स में शिरकत के लिए रवाना होंगे।