पटियाली के कई गांवों के ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें, नगला दुर्जन और नगला जयकिशन क्षेत्र मे दोबारा नाव चलाने की मांग
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
लगातार हो रही बारिश ने पटियाली क्षेत्र के गंगा किनारे बसे गांवों में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। कुछ दिनों पहले गंगा का जलस्तर घटने से बाढ़ का पानी कम हो गया था और गांवों को जोड़ने वाले रास्ते खुलने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन अब लगातार बारिश के चलते जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी होने से गंगा का पानी फिर रास्तों पर फैल गया है। इससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है और ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है।
पटियाली तहसील क्षेत्र के नगला खना, मूंजखेड़ा, नगला दुर्जन, नगला नरपत, नगला पदम और नगला जयकिशन, नगला दीपि समेत कई गांवों के संपर्क मार्गों पर फिर से बाढ़ का पानी भर गया है। रास्ते जलमग्न होने से ग्रामीणों का पैदल निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं दोपहिया वाहनों के पहिए भी थम गए हैं। गांवों से बाहर निकलने और जरूरी कामों के लिए दूसरे स्थानों तक पहुंचने में ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जलस्तर घटने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अब उन्हें बाढ़ के पानी से राहत मिलेगी, लेकिन लगातार बारिश से बढे जलस्तर ने एक बार फिर उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रास्तों पर पानी भरने से सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए गांव से बाहर जाना पड़ता है।
ग्रामीण उर्वेश यादव ने नगला दुर्जन और नगला जयकिशन क्षेत्र में दोबारा नाव संचालन शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि रास्तों पर पानी भरने के कारण ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में नावों का संचालन शुरू होने से लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिल सकेगी।