उत्तर प्रदेश के बरेली में सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सरस मेले का आयोजन किया गया। सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। मेले में जिले के सभी विकासखंडों के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिला। मेले का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों के सेवाकाल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने और विकसित भारत-2047 के संकल्प से नागरिकों को जोड़ने के उद्देश्य से जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सरस मेले का आयोजन किया गया।
डीएम ने दी लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनने की प्रेरणा
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को लखपति दीदी योजना से जुड़ने और उपलब्ध आर्थिक सहायता का लाभ उठाकर अपने काम का विस्तार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएं और आमदनी बढ़ाकर लखपति दीदी क्लब में शामिल हों। जो महिलाएं पहले से इस क्लब का हिस्सा हैं, वे करोड़पति दीदी बनने के लिए प्रयास करें।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और अपने उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया। समूहों के माध्यम से महिलाओं को सामूहिक रूप से काम करने, अपने हुनर को पहचान दिलाने और आय के नए अवसर तलाशने में मदद मिल रही है।
सभी विकासखंडों के समूहों ने लगाए स्टॉल
सरस मेले में जिले के सभी विकासखंडों के स्वयं सहायता समूहों की ओर से स्टॉल लगाए गए। इनमें हनी स्वयं सहायता समूह, भोले स्वयं सहायता समूह, मीना स्वयं सहायता समूह, वैष्णो स्वयं सहायता समूह, गंगा स्वयं सहायता समूह, नूर स्वयं सहायता समूह और भगत सिंह स्वयं सहायता समूह प्रमुख रहे।
समूहों की महिलाओं ने बताया कि वे लखपति दीदी क्लब में शामिल हैं और अब करोड़पति दीदी क्लब में शामिल होने के लिए प्रयास कर रही हैं। महिलाओं ने अपने उत्पादों के प्रदर्शन के साथ अपनी आर्थिक प्रगति और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
मेले में लगाए गए स्टॉल के जरिए समूहों को संभावित ग्राहकों तक पहुंचने और अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने का अवसर मिला। ऐसे आयोजन महिलाओं को स्थानीय स्तर पर कारोबार बढ़ाने और स्वरोजगार के जरिए परिवार की आय में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
स्थानीय उत्पादों को बाजार दिलाने पर जोर
सरस मेले का एक प्रमुख उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में सहयोग देना है। समूहों की महिलाओं की ओर से तैयार उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित करने से उनकी बिक्री और प्रचार के अवसर बढ़ते हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधनों को मजबूत करने तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी पहल की जा रही है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
सरस मेले के आयोजन में उपायुक्त स्वतः रोजगार वाईएल भारती, जिला मिशन प्रबंधन इकाई, ब्लॉक मिशन प्रबंधकों और सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) का विशेष सहयोग रहा। अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी के माध्यम से मेले को सफल बनाने में योगदान दिया।