नौ साल पहले रास्ते में लूट का विरोध करने पर युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार सिंह ने थाना आंवला क्षेत्र के गांव तुमड़िया निवासी महेन्द्र सिंह और नंदन को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि वसूले गए जुर्माने की आधी राशि मृतक के परिजनों को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
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सरकारी वकील हरेन्द्र राठौर के अनुसार वादी मुकदमा बाबूराम ने थाना सीबीगंज में तहरीर देकर बताया था कि वह ग्राम ट्यूलिया, थाना फतेहगंज पश्चिमी का निवासी है। 16 जून 2016 की रात उसका पुत्र राजू (25) अपनी चचेरी बहन विद्या को बाइक से एसआरएमएस अस्पताल से लेकर वापस गांव ट्यूलिया लौट रहा था। विद्या के पति ब्रजेश की डायलिसिस रोजाना राममूर्ति अस्पताल में होती थी, इसलिए दोनों अस्पताल से लौट रहे थे। राजू और विद्या के आगे स्कूटी पर अंगनलाल और ब्रजेश भी चल रहे थे।
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रात लगभग 9:30 बजे, जब वे देवरनिया नदी पुल पार कर रहे थे, तभी पीछे से बाइक पर आए दो युवक राजू के पास पहुंचे और बाइक रोकने की कोशिश की। राजू ने इसका विरोध किया, तो पीछे बैठे आरोपी ने तमंचे से उस पर गोली चला दी। हमलावरों ने विद्या का पर्स छीनने का प्रयास भी किया और इसके बाद पुरनापुर की ओर फरार हो गए। घायल राजू को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी विद्या ने अपने पिता को दी, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या और लूट के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। साक्ष्यों के आधार पर दोनों अभियुक्तों का नाम प्रकाश में आने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 11 गवाहों को प्रस्तुत किया, जिनके बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया।
काफी समय तक चले परीक्षण के बाद अदालत ने यह मानते हुए कि हत्या लूट के उद्देश्य से की गई थी, दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।